CG : अंकुश देवांगन का पाटन देवांगन समाज में सम्मान …
भिलाई। सुप्रसिद्ध मूर्तिकार डॉ. अंकुश देवांगन को पाटन देवांगन समाज ने बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस दौरान देवांगन समाज के नवनियुक्त डिप्टी कलेक्टर यशवंत देवांगन, पाटन देवांगन समाज के अध्यक्ष राजकुमार देवांगन, उपाध्यक्ष छविश्याम देवांगन, सचिव राकेश देवांगन, कोषाध्यक्ष सुनील देवांगन, अनिल देवांगन (रेलवे दुर्ग) तथा बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
ज्ञात हो कि अंकुश देवांगन लगभग 36 वर्षों से बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा छोड़ो कला से नाता जोड़ो आंदोलन चला रहे हैं। वे बच्चों को निशुल्क चित्र मूर्तिकला सीखाते आ रहे हैं ताकि बच्चे माओवादी न बनें। जिसका सदैव उचित प्रतिफल प्राप्त होता रहा है और हजारों बच्चों को इससे लाभ मिला है।
पाटन देवांगन समाज के सम्मेलन में उनके द्वारा बनाई गई दुनिया की सबसे छोटी मूर्तियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिसे देखने के लिए बच्चों और बड़ों का तांता लगा रहा। ज्ञात हो कि अंकुश देवांगन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ से प्रथम कलाकार हैं जो ललित कला अकादमी के बोर्ड मेंबर बने हैं। उनके द्वारा बनाई गई कलाकृतियों को लिम्का तथा गोल्डन बुक ऑफ द वर्ल्ड रिकॉर्ड का अवार्ड प्राप्त है।
भिलाई सिविक सेंटर का कृष्ण अर्जुन रथ, रुआबांधा का पंथी चौक, दल्ली राजहरा में छः मंजिली इमारत जितना विश्व का सबसे बड़ा लौहरथ, रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में 1500 मीटर दुनिया का सबसे लंबा भित्तिचित्र, मदकूद्वीप में मांडूक्य ऋषि की प्रतिमा, सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला हरियाणा में अनेकों नयनाभिराम कलाकृतियां, दुर्गापुर स्टील प्लांट पश्चिम बंगाल में सैकड़ों मूर्तिकलाएं और राजभवन भोपाल में बनाई कलाकृतियां उनके कालजयी सृजनशीलता की पहचान है। पाटनराज देवांगन समाज ने अपने समाज के इस अनमोल रत्न को विभूषित करते हुए कहा कि उन्हें सम्मानित करके समाज खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।



